आयकर की धारा 87A क्या है? (What is Section 87A of Income Tax?)

What is Section 87A of Income Tax: फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमन ने शनिवार को अपना आठवां आम बजट पेश किया। इस बजट के तहत ₹12 लाख तक की कमाई वाले लोगों को आयकर अधिनियम की धारा 87ए के अंतर्गत आयकर में छूट दी गई है। आयकर अधिनियम की धारा 87ए कम आमदनी वाले लोगों को आयकर में राहत देने के लिए बनाई गई है। तो आईए जानते हैं कि यह धारा किन करदाताओं पर लागू होती है और इसका लाभ कैसे उठाया जा सकता है, लेकिन उससे पहले जानते हैं कि आखिर यह नियम है क्या? 

Live updates: What is expected in Budget 2026 in India?Live updates: What is expected in Budget 2026 in India?

क्या है आयकर अधिनियम की धारा 87ए (What is Section 87A of Income Tax)

What is Section 87A of Income Tax

What is Section 87A of Income Tax: आयकर अधिनियम की धारा 87ए भारतीय आयकर अधिनियम, 1961 का एक महत्वपूर्ण प्रावधान है जिसके अंतर्गत निम्न और मध्यम आयवर्ग के करदाताओं को कर यानि टैक्स में छूट दी जाती है।  यह छूट उनकी इनकम (कमाई) पर मिलती है ना की कुल आय पर।

यदि किसी व्यक्ति की इनकम एक निश्चित सीमा से कम होती है तो वह धारा 87ए के तहत छूट के लिए योग्य माना जाता है जिससे उसकी कर की देनदारी कम हो जाती है या पूरी तरह समाप्त हो जाती है।

कौन है धारा 87ए के अंतर्गत छूट का पात्र

What is Section 87A of Income Tax: इस नियम के तहत आयकर में छूट प्राप्त करने के लिए करदाता को निम्न शर्तें पूरी करनी होती हैं:

World Book Fair abuzz with cultural performances, defence displays draw crowdsWorld Book Fair abuzz with cultural performances, defence displays draw crowds
  • करदाता भारत का निवासी होना चाहिए।
  • करदाता की कुल कर योग्य आए निर्धारित सीमा से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
  • यह नियम हिंदू अविभाजित परिवार, कंपनियों और फर्मों पर लागू नहीं होता।

What is Section 87A of Income Tax: हालांकि राहत की बात यह है कि यह नियम पुरानी और नई दोनों तरह की कर व्यवस्था पर लागू होता है लेकिन कुछ शर्तें अलग हैं।

धारा 87A के तहत कर रिबेट की गणना कैसे की जाती है?

Top 10 Crypto Coins in 2025: Best Coins जो इस साल धमाल मचाएंगे ये क्रिप्टो कॉइंस

(1) पुरानी टैक्स व्यवस्था में धारा 87A रिबेट का उदाहरण

मान लीजिए आपकी कुल कर योग्य आय ₹5,00,000 है।

इस पर आयकर: ₹12,500 (5% स्लैब के अनुसार)

धारा 87A के तहत छूट: ₹12,500

World Book Fair Resonates with the Presence of School StudentsWorld Book Fair Resonates with the Presence of School Students

आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा।

यदि आपकी आय ₹5,00,001 हो जाती है, तो आप रिबेट के लिए पात्र नहीं होंगे और आपको पूरी टैक्स राशि का भुगतान करना होगा।

(2) नई टैक्स व्यवस्था में धारा 87A रिबेट का उदाहरण

मान लीजिए आपकी कुल कर योग्य आय ₹7,00,000 है।

इस पर आयकर: ₹25,000 (नई टैक्स स्लैब के अनुसार)

धारा 87A के तहत छूट: ₹25,000

आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा।

यदि आपकी आय ₹7,00,001 हो जाती है, तो आपको पूरा टैक्स देना होगा और रिबेट का लाभ नहीं मिलेगा।

महत्वपूर्ण बिंदु:

  • धारा 87A की छूट केवल व्यक्तिगत करदाताओं के लिए उपलब्ध है।
  • यह छूट केवल आयकर पर लागू होती है न कि सेस (Cess) पर।
  • यदि किसी व्यकि्त की आय रिबेट सीमा से ₹1 भी अधिक हुई तो उसे छूट का लाभ नहीं मिलेगा।

धारा 87ए रिबेट कैसे क्लेम करें?

What is Section 87A of Income Tax: यदि आप आयकर अधिनियम की धारा 87ए के लिए छूट के पात्र हैं तो इसे आयकर रिटर्न भरते समय क्लेम कर सकते हैं। इसके लिए आपको निम्न कार्य करने होंगे:

अपनी कुल कर योग्य आय की गणना करें, या आप स्वयं या फिर चार्टर्ड अकाउंटेंट की मदद से भी कर सकते हैं।

अपनी योग्यता के अनुसार आयकर से आपको देखते हुए टैक्स की गणना करें।

यदि आप छूट के दायरे में आते हैं तो धारा 87ए के तहत रिबेट को जोड़ें।

रिबेट की कटौती करने के बाद अंतिम टैक्स की देनदारी चेक करें।

Leave a Comment